Land Preparation & Soil Health
खाद एवं रासायनिक उर्वरक
गुलाब की अच्छी उपज के लिए वर्मी कम्पोस्ट या अच्छी सड़ी हुई गोबर की खाद खेत तैयार करते समय मिट्टी में अच्छी तरह मिला देनी चाहिए। रासायनिक उर्वरक मिट्टी परिक्षण के आधार पर ही प्रयोग करें।
Crop Spray & fertilizer Specification
जैसा की आप जानते है गुलाब प्रकृति-प्रदत्त एक मनमोहक और खूबसूरत फूल है। इसकी आकर्षक बनावट, सुन्दर आकार, लुभावना रंग की वजह से लोग इसे अधिक पसंद करते है। लाल गुलाब को प्रेम का प्रतीक भी माना जाता है। वैज्ञानिक विधि से गुलाब की खेती करके लगभग पूरे साल फूल लिया जा सकता है। सामान्यतः यह सर्दी का पुष्प है। इस मौसम में गुलाब के फूल की छटा तो देखते ही बनती है। इसके एक फूल में 5 पंखुड़ी से लेकर कई पंखुड़ियों तक होती है। यह अनेक किस्में तथा विभिन्न रंगों में उपलब्ध है, जिनकी मांग बाज़ारों में हर दिन बढ़ती जा रही है।
Weeding & Irrigation
खरपतवार नियंत्रण
गुलाब की खेती में खरपतवार की रोकथाम के लिए निराई गुड़ाई करना अति आवश्यक होता हैं। निराई गुड़ाई करने से जड़ों को हवा की उचित मात्रा मिल पाती है, जिससे पौधे का विकास और भी अच्छे से होता है। और आवश्यकता अनुसार निराई गुड़ाई करें।
सिंचाई
पौधरोपण के तुरंत बाद सिंचाई करें, नई कलम में नमी देने के लिए उसकी लगातार सिंचाई करते रहे। सर्दियों में साप्ताहिक और गर्मी के दिनों में 4-5 दिनों के अंतराल में सिंचाई करते रहें।
Harvesting & Storage
फूलों की तोड़ाई
जब फूल की एक या दो पंखुडियां खिल जाए तो फूल को काटकर पौधे से अलग कर दें। इसके लिए तेज़ धार वाले चाक़ू या ब्लेड का इस्तेमाल कर सकते हैं। फूल को काटने के तुरंत बाद पानी से भरे बर्तन में रखना अनिवार्य है।
भंडारण
इसके बाद उसे कोल्ड स्टोरेज में रख दें, जहाँ का तापमान करीब 2 से 10 डिग्री तक होना चाहिए।इसके बाद फूलों की ग्रेडिंग कर उसे बाज़ार में भेजें।
उत्पादन
गुलाब की खेती से किसानों को काफी मुनाफ़ा होता है। इसकी खेती करीब चार महीने में फूल देना शुरू कर देती है। एक एकड़ जमीन पर लगभग 30 से 40 किलो फूल मिल जाते हैं।
लाभ
एक साल में एक एकड़ से लगभग 200 से 300 क्विंटल फूल प्राप्त हो सकते हैं। जिनकी सालाना कमाई लगभग 15 लाख तक पहुँच सकती है।