Eucalyptus (सफेदा) (नीलगिरि)

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Watering

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Cultivation

Transplant

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Harvesting

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Labour

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Sunlight

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pH value

6 - 7

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Temperature

0 - 40 °C

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Fertilization

apply NPK (17:17:17)@50gm per plant

Eucalyptus (सफेदा) (नीलगिरि)

Eucalyptus (सफेदा) (नीलगिरि)

Basic Info

आप जानते है यूकेलिप्टस (Eucalyptus) मिर्टेसी (Myrtaceae) कुल का एक बहुत ऊँचा वृक्ष हैं। यूकेलिप्टस मूल रूप से ऑस्ट्रेलिया का पौधा है। यह पेड़ काफी लंबा और पतला होता है। इसकी पत्तियों से प्राप्त होने वाले तेल का उपयोग औषघि और अन्य रूप में किया जाता है। यह तेजी से बढ़ने वाला, सीधे तने व हल्के फैलाव वाला पौधा होता है। इसका इस्तेमाल इमारती लकड़ी, फर्नीचर, पेटियां, लुगदी, ईंधन, पार्टिकल बोर्ड, हार्ड बोर्ड वगैरह बनाने में किया जाता है। यूकेलिप्टस उगाने वाले मुख्य प्रान्त आंध्र प्रदेश, बिहार, गोआ, गुज़रात,पंजाब, हरियाणा,मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु,केरल, पश्चमी बंगाल और कर्नाटक है|
यूकेलिप्टस को अन्य नामों से भी जाना जाता है जैसे - नीलगिरि, सफेदा, गम ट्री

Seed Specification

बुवाई का समय 
युकेलिप्टस की बुवाई का समय जून से अक्तूबर तक का  होता है|

दुरी
यूकेलिप्टस की सघन रोपाई 2-2.5 मीटर के दुरी पर करते हैं। इसकी लाइनों के बीच दो साल तक खेती की जा सकती है।

बुवाई का तरीका
युकेलिप्टस की बुवाई बीजों द्वारा नर्सरी तैयार कर और कलम विधि द्वारा दोनों से ही किया जा सकता है।

बीज की मात्रा 
2x2  मीटर के फासले के साथ लगभग 1200 पौधे प्रति एकड़ में प्राप्त किये जा सकते है।

Land Preparation & Soil Health

खाद एवं रासायनिक उर्वरक
पौधे के अच्छे विकास और बढ़वार के लिए पौधरोपण के समय वर्मीकम्पोस्ट या अच्छी सड़ी हुई गोबर की खाद देना चाहिए। रासायनिक उर्वरक में NPK 150 ग्राम मिश्रण को प्रति पौधा देना चाहिए।

Crop Spray & fertilizer Specification

आप जानते है यूकेलिप्टस (Eucalyptus) मिर्टेसी (Myrtaceae) कुल का एक बहुत ऊँचा वृक्ष हैं। यूकेलिप्टस मूल रूप से ऑस्ट्रेलिया का पौधा है। यह पेड़ काफी लंबा और पतला होता है। इसकी पत्तियों से प्राप्त होने वाले तेल का उपयोग औषघि और अन्य रूप में किया जाता है। यह तेजी से बढ़ने वाला, सीधे तने व हल्के फैलाव वाला पौधा होता है। इसका इस्तेमाल इमारती लकड़ी, फर्नीचर, पेटियां, लुगदी, ईंधन, पार्टिकल बोर्ड, हार्ड बोर्ड वगैरह बनाने में किया जाता है। यूकेलिप्टस उगाने वाले मुख्य प्रान्त आंध्र प्रदेश, बिहार, गोआ, गुज़रात,पंजाब, हरियाणा,मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु,केरल, पश्चमी बंगाल और कर्नाटक है|
यूकेलिप्टस को अन्य नामों से भी जाना जाता है जैसे - नीलगिरि, सफेदा, गम ट्री

Weeding & Irrigation

खरपतवार नियंत्रण
खरपतवार की रोकथाम के लिए आवश्यकतानुसार समय समय पर निराई-गुड़ाई करना चाहिए।

सिंचाई
युकेलिप्टस के पौधे में सूखा सहन करने की क्षमता होती हैं। लेकिन पौधरोपण के तुरंत बाद पानी देना चाहिए। और पौधे की अच्छी बढ़वार के लिए बरसात के समय को छोड़कर कर प्रति वर्ष 5 बार पानी देना चाहिए।

Harvesting & Storage

फसल की कटाई
युकेलिप्टस की बढ़वार आठवें वर्ष तक ही होती है। नौ से 10 वर्ष बाद कटाई करा लें। बल्लियों के लिए कटाई तीन साल बाद भी कर सकते हैं। 

उत्पादन
युकेलिप्टस की उपज पेड़ों की आपसी दूरी, सिंचाई, उर्वरक तथा किस्मों पर निर्भर करती है। 9-10 वर्ष के पेड़ से पांच-छह क्विंटल लकड़ी मिलती है। दस साल पुराना पेड़ करीब दो हजार से ढाई हजार रुपये में बिक जाता है।

Crop Disease

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Frequently Asked Question

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