One District One Product- Aligarh

Aligarh


अलीगढ़ उत्तर प्रदेश का एक महत्त्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है और पूरे देश में “तालों के शहर” के नाम से ख्यात है । कच्चे माल व ऊर्जा की सरल उपलब्ध्ता के कारण अलीगढ़ एक व्यापार कुशल केन्द्र के रूप में उभरा । अलीगढ़ के ताले पूरे विश्व में निर्यात किए जाते हैं । 1880 में कंपनी ने यहाँ छोटे पैमाने पर तालों के निर्माण का कार्य प्रारंभ किया । आज, इस शहर में हज़ारों निर्माता, निर्यातक व आपूर्तिकर्ता हैं जो पीतल, तांबा, लोहा व एल्यूमिनियम उद्योगों से जुड़े हें । ताला निर्माण की प्रक्रियाएँ विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में पूरी की जाती हैं । अलीगढ़ में बहुत से मशहूर स्थल हैं । अलीगढ़ का किला, खेरेश्वर मंदिर व तीर्थ धाम मंगलायतन मंदिर आदि उनमें से कुछ प्रमुख हैं ।

उत्तरप्रदेश दूध (Milk) उत्पादन में लगातार रिकॉर्ड बना रहा है, जिसके चलते यूपी (UP) दूध उत्पादन के मामले में देशभर में लगातार पहले नंबर पर बना हुआ है। वहीं, राजस्थान दूसरे नंबर पर है।

ताला उत्पादन के लिए देश प्रदेश में पहचाना जाने वाला पश्चिमी उत्तर प्रदेश का जिला अलीगढ़ अब प्रदेश मे दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में सबसे पहला जिला बन गया है । 3650 वर्ग किमी भौगोलिक क्षेत्रफल वाले अलीगढ़ जिले मे कुल 3672 हजार लोग रहते है। जिसमे सर्वाधिक 2457 हजार की आबादी ग्रामीण इलाके मे रहती है। यही बहज है कि जिले के ग्रामीण इलाके मे रहने वाली बड़ी आबादी खेती के बाद आर्थिक रूप से पशुपालन पालन पर निर्भर है। ग्रामीण इलाकों में व्यापक स्तर पर हो रहे पशुपालन ने अलीगढ़ को दुग्ध उत्पादन का गढ़ बना दिया है। अलीगढ़ जिले से दूध कई प्रदेशो में निर्यात हो रहा है।

35 बड़ी डेयरियां हैं संचालित
अलीगढ़ जिले मे श्वेत क्रांति के लिए प्रदेश सरकार ने भी कामधेनु डेयरी योजना के तहत कई डेयरी संचालित करने की अनुमति दी। वर्तमान समय मे जिले मे 35 बड़ी डेयरी, और 28 माइक्रो डेयरी स्थापित है, जबकि सैकड़ों की संख्या ने छोटी डेयरी संचालित है।

ये है पशुपालकों के लिए सरकारी योजनायें
पशुपालन और दूध उत्पादन को बढ़वा देने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से पशुपालको के लिए कामधेनु डेयरी योजना और मिनी कामधेनु योजना संचालित है जिसके तहत ऐसे पशुपालक जिनके पास खुद की दो एकड़ भूमि हो वह डेयरी खोलने के लिए करीब एक करोड़ 20लाख का 75 फीसदी ऋण बैंक से ले सकता है। जबकि मिनी कामधेनु योजना के तहत 52लाख 35 हजार का 75 फीसदी ऋण ऐसे पशुपालको जिनके पास एक एकड़ खुद की जमीन हो लेकर डेयरी खोल सकता है।

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