One District One Product- Niwari

Niwari



निवाड़ी जिला टीकमगढ़ जिले का एक हिस्सा हुआ करता था और 1 अक्टूबर 2018 को इसे अलग कर एक नए जिले में बनाया गया था।

यह राज्य का 52 वां जिला बना। इस जिले के अंतर्गत, पृथ्वीपुर तहसील की 56 पंचायतें, निवारी की 54 पंचायतें, ओरछा की 17 पंचायतें शामिल थीं। इस प्रकार यहां कुल 127 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। यह जनसंख्या और क्षेत्रफल दोनों के मामले में मध्य प्रदेश का सबसे छोटा जिला है।

बेतवा नदी इस जिले से गुजरती है, इस नदी के किनारे पर ओरछा शहर बुंदेलखंड के प्राचीन राजाओं द्वारा स्थापित किया गया था। 

आत्मनिर्भर भारत-आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश अभियान अंतर्गत एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत जिला निवाड़ी से अदरक उत्पाद को चयनित किया गया है।

अदरक प्राचीन काल से ज्ञात प्राच्य मसालों में से एक है और भारत में इसकी खेती ताजी सब्जी और सूखे मसाले के रूप में प्राचीन काल से की जाती रही है। अदरक जिंजीबर ऑफिसिनेल के rhizomes से प्राप्त किया जाता है। अदरक परिवार एक उष्णकटिबंधीय समूह है, विशेष रूप से भारत-मलेशियाई क्षेत्र में प्रचुर मात्रा में, 53 प्रजातियों में 1200 से अधिक पौधों की प्रजातियों से मिलकर। भारत में खेती का क्षेत्रफल 107.54 हजार हेक्टेयर है और देश का कुल उत्पादन 385.33 हजार टन है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की महत्वाकांक्षी योजना 'एक जिला, एक उत्पादÓ के तहत टीकमगढ़ व निवाड़ी जिलों में अदरक की खेती के लिए चयन किया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना पर सरकारी अमला भी पूरी तरह जुट गया है। गांवों में जनचौपाल लगाकर किसानों को अदरक की खेती और उससे होने वाले अन्य उत्पादों के बारे में बारीकी से समझाया जा रहा है ताकि किसान अदरक की खेती की ओर रुझान करे। निवाड़ी जिले में 4626 हेक्टेयर अदरक की खेती होती है।

अब खेतीबाड़ी आधुनिक तरीके से होने लगी है। ऐसे में अदरक की खेती टीकमगढ़ व निवाड़ी जिलों में अपार संभावना सहेजे हुए है। कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो दोनों जिलों की खेती वाली मिट्टी स्वायल है, जो अदरक के लिए बहुत ही उपयुक्त है।

इसलिए भी है उपयुक्त
टीकमगढ़ व निवाड़ी जिला सहित पूरे बुंदेलखंड में पानी की काफी किल्लत रहती है। अदरक की खेती के लिए बहुत अधिक पानी की जरूरत नहीं होती। वहीं यहां का वातावरण और मिट्टी की गुणवत्ता अदरक के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है। खास बात यह कि गुणवत्ता युक्त अदरक की बीज और उचित देखभाल किया जाए तो प्रति एक किलो अदरक की बीज से औसतन आठ से दस किलोग्राम अदरक का उत्पादन लिया जा सकता है।

उद्योग की संभावनाएं भी प्रबल
कृषि अधिकारी ने बताया कि टीकमगढ व निवाड़ी जिले के उद्योगपति भी अदरक आधारित उद्योग लगाने के लिए पूछताछ शुरू कर दी है। अदरक से सोंठ व तेल सहित अन्य उत्पादों के बारे में औद्योगिक संभावनाओं पर गहनता से पड़ताल की जा रही है।

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