Vikas Singh Sengar
08-11-2021 02:28 AMमधुमक्खी पालन क्या है ?
विधिवत ढंग से लकड़ी के बने बक्सों में मधुमक्खी को पालकर शहद मोम पराग प्रोफोलिस मधुमक्खी डंक विष, रॉयल जेली प्राप्त करना मधुमक्खी पालन कहलाता है। मधुमक्खी की आदतों को समझते हुए उनकी आवश्यकता को समयानुसार समझकर पूरी करना तथा उन्हें कम से कम कष्ट पहुंचा कर अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करना आधुनिक मधुमक्खी पालन कहलाता है।
मधुमक्खी पालन क्यों करें ?
कृषि आधारित एक मात्र उद्योग जो कृषि उपज को खाता नहीं बल्कि उत्पादन में वृद्धि करता है । फसलों को यदि मधुमक्खियों द्वारा पराग की सुविधा मिल जाती है तब 30 से 80% तक उत्पादकता में वृद्धि सुनिश्चित है । मधुमक्खी वर्ष में कम से कम 4 फसलों को प्रभावित करती है। एक मधुमक्खी परिवार का प्रभावी कार्य क्षेत्र लगभग 1/2 एकड़ है। इस प्रकार वर्ष में एक मधुमक्खी परिवार 2 एकड़ फसल को प्रभावित करेगी दलहनी तिलहनी फसलों की उत्पादकता लगभग 5 क्विंटल प्रति एकड़ मान ली जाए तथा 20% उत्पादकता में वृद्धि माने तब भी एक मधुमक्खी परिवार 1 वर्ष में लगभग 2 क्विंटल दलहन या तिलहन फसल के उत्पादन में वृद्धि करेगा। इसलिए मधुमक्खी पालक के पास अपनी कृषि भूमि होना अनिवार्य नहीं।
मधुमक्खी पालन कौन करें ?
मधुमक्खी पालन का कार्य पहले ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले व्यक्ति तक ही सीमित था मगर अब वह व्यक्ति ग्रामीण पृष्ठभूमि का नाम भी हो तब भी वह मधुमक्खी का कार्य कर सकता है। वह मात्र 10 मधुमक्खी परिवार से कार्य प्रारंभ सके 1 वर्ष में 50 मधुमक्खी परिवार तैयार कर सकता है । कम पूंजी वालों के लिए आसानी से रोजगार पैदा करने का मधुमक्खी पालन अच्छा साधन है। इसके साथ-साथ मधुमक्खी पालन रोजगार भी विकसित हो सकते हैं जैसे :-
मधुमक्खी पालन से प्राप्त उत्पाद
प्रोफोलिस के लाभ
शहद के लाभ
रॉयल जेली के लाभ
पराग के लाभ
मधुमक्खी डंक विष का लाभ
मोम से लाभ
बाजार में शहद की मौजूदा कीमत 400 रुपए से 700 रुपए तक है। अगर प्रति बॉक्स 1000 किलोग्राम की शहद बनाते हैं, तो आपको 5,00,003 रुपए (5 लाख) तक का शुद्ध मुनाफा होगा। अगर आप बड़े स्तर पर मधुमक्खी पालन करना चाहते हैं तो 100 बॉक्स लेकर यह काम शुरू कर सकते हैं....
मधुमक्खी पालन के लिए सरकार ने बहुत सारी योजनाएं और अनुदान देने की शुरुआत की है जैसे कि मधु ग्राम योजना आदि । मधुमक्खी पालन से कई लोग अच्छी कमाई कर रहे हैं । अभी इसमें काफी संभावनाएं हैं मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए आत्मनिर्भर पैकेज में वित्त मंत्री ने 500 करोड़ की योजनाएं का ऐलान किया है। कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने फसल उत्पादकता में सुधार के लिए मधुमक्खी पालन का विकास नाम से एक केंद्रीय योजना शुरू की है इस योजना में इस सेक्टर को विकसित करना प्रोडक्टिविटी बढ़ाना प्रशिक्षण कराना और जागरूकता फैलाना है। राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड ने नाबार्ड के साथ मिलकर भारत में मधुमक्खी पालन बिजनेस के लिए फाइनेंस स्कीम शुरू की है। केंद्र सरकार मधुमक्खी पालन पर 80 से 85% तक सब्सिडी देती है।
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